शैलेश अग्रवाल का परिचय


img

किसान आरक्षण संकल्पना के प्रर्वतक शैलेश अग्रवाल स्वयं अप्पर वर्धा, लोअर वर्धा और परियोजना प्रभावित लोगों के पुनर्वास इन तीन परियोजनाओं के परियोजना प्रभावित किसान हैं। किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए और जैविक खेती में पशुधन और इसके लाभों को समझाने हेतु उन्होंने “गौतीर्थ” इस पायलट परियोजना की स्थापना की। महाराष्ट्र – कोंकण – गोवा के किसान इसपरियोजना को भेंट दे रहे हैं। उन्हें सरकार द्वारा सर्वश्रेष्ठ पशु पालन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने मिशन किसान आरक्षण के माध्यम से किसानों के लिए दीर्घकालिक विकासात्मक उपाय-योजनाओं हेतु आरक्षण का (आश्वस्त संरक्षा का) सूझाव दिया एवंदीर्घकालिक विकास संबंधी सुझावों के इस प्रस्ताव को कार्यान्वित करने का आग्रह किया है। महाराष्ट्र की कई ग्राम पंचायतो में ग्राम सभाओ द्वारा, पंचायत समिति और कृषि उपज मंडियो द्वारा उनके किसान आरक्षण प्रस्ताव के अनुसार संकल्प पारित कर इस प्रस्ताव की मांग के लिए सरकार को भेजकर इस मांग को सशक्त कर बल दिया गया है।


शैलेश अग्रवाल 2005 से 2016 तक एसएसबी अस्पताल के संचालन माध्यम से चिकित्सा व्यवसाय से जुडे रहे और 1999 से आज तकअपना पारिवारीक कृषी उद्योग कर रहे हैं। कृषि के प्रति वर्तमान और भविष्य की पीढ़ी को आकर्षित करने हेतु और किसानों कीअर्थक्रांती के उद्देश्य से शैलेश अग्रवाल पिछले कुछ सालों से पूर्णकालिक कृषक हैं और विभिन्न माध्यमों से किसानों का मार्गदर्शन करते हैं। आरक्षण किसानों के लिए एक दीर्घकालिक विकासात्मक योजना है, इस संकल्पना के अनुसार मांग करणे हेतु उन्होंने अप्रैल 2017 में गांधी आश्रम सेवाग्राम से मिशन किसान आरक्षण आंदोलन की शुरूवात की है।


पत्नी – डॉ. मंजूषा शैलेश अग्रवाल ने एम.बी.बी.एस. और एम.डी. स्त्रीरोग एवं प्रसुतीशास्त्र का अध्ययन पूर्ण किया है। वर्तमान में वह मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत है। रुग्ण सेवा हेतु सदैव तत्पर मंजूषा अपने पती शैलेश के साथ सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदार हैं।